बहुचर्चित अधिवक्ता हत्याकांड में हिस्ट्रीशीटर सिराज अहमद एवं इस्माइल उर्फ प्रिंस के खिलाफ सीजेएम कोर्ट से कुर्की का आदेश जारी।।

सुलतानपुर/ बहुचर्चित अधिवक्ता हत्याकांड में हिस्ट्रीशीटर सिराज अहमद एवं इस्माइल उर्फ प्रिंस के खिलाफ सीजेएम कोर्ट से कुर्की का आदेश जारी,सीजेएम सपना त्रिपाठी की अदालत ने अपराधियो के खिलाफ जारी किया आदेश,कोर्ट के आदेश पर अब पुलिस अपराधियो की संपत्ति करेगी कुर्क,अब दोनों अपराधियो पर पुलिस कसेगी शिकंजा
पुलिस बीते कई दिनों से फरार चल रहे दोनों इनामी आरोपियों के खिलाफ 83 की कार्यवाही जारी कराने के लिए थी प्रयासरत,फिलहाल कोर्ट के समक्ष पर्याप्त आधार न पेश कर पाने की वजह से फेल हो रही थी पुलिस, कोतवाली देहात के पूर्व कोतवाल कृष्ण मोहन सिंह पर गाज गिरने के बाद थाना प्रभारी-धम्मौर रहे श्याम सुंदर पर एसपी सोमेन वर्मा ने जताया है विश्वास, श्याम सुंदर भी लगातार काट रहे थे कोर्ट के चक्कर,फिलहाल सीजेएम ने सन्तुष्ट होने पर आज जारी किया कुर्की का आदेश। हत्याकांड में अब तक आठ आरोपी जा चुके है जेल,हालांकि हड़ताल जारी रहने के दौरान ही इन मुल्जिमो पर हुई थी कार्यवाही,हत्याकांड के मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर सिराज अहमद एवं इस्माइल उर्फ प्रिंस की गिरफ्तारी रह गई है शेष,फरार दोनों अपराधियों की तलाश है जारी,दोनों के खिलाफ चल रहा एक-एक लाख का इनाम,नहीं पहुंचे सलाखों के पीछे तो संपत्ति कुर्क होना तय अपराधिक गैंग के सहारे हिस्ट्रीशीटरो की अर्जित अवैध संपत्ति एवं बेनामी संपत्तियों को भी चिन्हित कर जल्द हो सकती है ज़ब्तीकरण की कार्रवाई,सूत्रों के मुताबिक गैंगस्टर सिराज ने अपराध के सहारे अर्जित की है करोड़ो की संपत्ति,कार्यवाही की डर से सिराज के जरिये अपने नाम महज कुछ संपत्ति एवं अपने विश्वसनीय करीबियों के नाम लोलेपुर,विनोवापुरी एवं अन्य जगहों पर कई करोड़ो की संपत्ति अर्जित करने की चर्चाए तेज,सूत्रों के मुताबिक जिम्मेदार अफसर अप्रत्यक्ष रूप से उसे संरक्षण देकर उसकी संपत्ति बचाने की नीयत से किसी दबाव या स्वार्थ में नहीं देते सही रिपोर्ट,जिससे अपराध के सहारे अर्जित संपत्ति का नहीं जा पाता सही ब्यौरा और इसी वजह से उल्टी-सीधी रिपोर्ट के दम पर जब्त संपत्ति के बावत बाद में मिल जाता है सिराज को कानूनी लाभ,पूर्व में हुई ऐसी ही कार्यवाही का सिराज को मिल चुका है लाभ,जिले की सांसद मेनका गांधी ने भी ऐसे अपराधी के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जिम्मेदारो से की है अपेक्षा,वहीं जिले के कई विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों ने ऐसे अपराधी के प्रति नहीं दी अपनी कोई प्रतिक्रिया,आखिर क्या है इसकी वजह जो सांसद व एक विधायक को छोड़ किसी माननीय ने सिराज जैसे एक अपराधी के खिलाफ अपनी प्रतिक्रिया देने से बनाई दूरी,उठ रहे कई सवाल,करीब पौने दो दर्जन बताई जा रही सिराज की क्रिमिनल हिस्ट्री,अपराधों से सिराज का है गहरा नाता,सूत्रों के मुताबिक जिले के कुछ प्रभावशाली लोग व्यक्तिगत स्वार्थ में ऊपरी स्तर पर सिराज के पक्ष में अनुचित पैरवी कर बचाव करने में जुटे,कुछ जिम्मेदारो की आंतरिक पैरवी भी मानी जा रही सिराज पर होने वाली कार्यवाही में बाधा बनने की वजह।। कोर्ट के आदेश पर होने वाली कुर्की की कार्यवाही से बचने एवं अपने परिवार की छीछालेदर बचाने के लिए अपने मददगारों की सलाह पर फरार अपराधी पुलिस के सामने या कोर्ट में कर सकते है जल्द समर्पण,नाटकीय ढंग से सिराज का रिमांड होने का जताया जा रहा अंदेशा,देखना है क्या हकीकत आती है सामने,सभी की टिकी है निगाहें।। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र स्थित भुलकी चौराहे के पास बीते छह अगस्त की शाम को गोली मारकर हुई थी अधिवक्ता आजाद अहमद की हत्या,उनके भाई मुनौव्वर पर भी हुआ था जानलेवा हमला,ट्रामा सेंटर लखनऊ में चल रहा मुनौव्वर का इलाज,पुलिसिया संरक्षण की वजह से बचा हुआ है हिस्ट्रीशीटर सिराज,जल्द नहीं निकला परिणाम तो जिम्मेदारो पर गिर सकती है गाज।। रिपोर्ट-अंकुश यादव

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