स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई के जन्म दिन को सुशासन दिवस के रूप में क्यों किया जाता है याद।

स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई के जन्म दिन को सुशासन दिवस के रूप में क्यों किया जाता है याद।


पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के जन्मदिन/सुशासन दिवस के मौके पर पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी ने कटाक्ष किया कि निर्णय में देरी विकेट दलाली है। सुशासन दिवस पर अंतरराष्ट्रीय मंच और विचारकों ने बहुत ही बेहतरीन टिप्पणी की है। अयोध्या में 22 जनवरी को आयोजित पीएम मोदी की मौजूदगी में कार्यक्रम हमारे राष्ट्रीय त्योहार 15 अगस्त और 26 जनवरी से कम नहीं है।


पूर्व बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी 

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के जन्मदिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाने के पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी ने आवाहन किया। सुशासन के लिए उन्होंने त्वरित निर्णय लिए जाने का आवाहन किया योगी सरकार से। सुल्तानपुर आगमन के दौरान उन्होंने कृषि रत्न राम कीरत मिश्र निवासी आरडीह ब्लाक दूबेपुर को सम्मानित किया। पूर्व विधायक देवमणि ने नरेंद्र देव कृषि विद्यालय से मिले किसान सम्मान पत्र का अवलोकन किया और माला पहनकर कृषि रन का वैज्ञानिक खेती करने के लिए स्वागत किया। इस मौके पर विनय कुमार सिंह, पूर्व प्रधान अरविंद वर्मा, मंडल महामंत्री दूबेपुर संतोष सिंह, सेक्टर संयोजक दिनेश वर्मा, भिभांशू, धर्मवीर, विनोद सोनी, शिवपूजन विश्वकर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।


22 जनवरी को अयोध्या में आयोजित भव्य कार्यक्रम 15 अगस्त और 26 जनवरी के तुल्य है। हमारे भी जितने भी सनातनी, सामाजिक और राष्ट्रीय पर्व है। इन सबका यह समवेत सामूहिक पर्व है। पहले दीपावली को भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी और दूसरी भगवान के स्थापित होने की यह नव दीपावली है। घर-घर दीप जलाना है। यह हमारी होली, दीपावली, रक्षाबंधन और दशहरा का समेकित रूप है। हमारे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने विश्व के सुशासन मानक को भारत की धरती पर उतरने का संकल्प लिया था। मोदी के कार्यकाल में सुशासन पूरी तरह से लागू किया जा सकता है। संयुक्त राष्ट्र संघ समय तमाम विचारकों ने सुशासन को परिभाषित किया है। प्रभावी शासन, कानून का शासन, पारदर्शी और उत्तरदाई सरकार सुशासन के ही अंग हैं। किसी गुंडे मवाली या अनुचित कार्य करने वाले का शासन ना हो। उत्तरदाई होने के साथ जवाब देही शासन होना चाहिए, जिससे निर्णय लेने में देरी न हो। निर्णय में देरी विकट दलाली है।

 

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