सुल्तानपुर में 28 वें दिन लोकसभा गठबंधन प्रत्याशी भीम निषाद हुए पैदल।

सुल्तानपुर में 28 वें दिन लोकसभा गठबंधन प्रत्याशी भीम निषाद हुए पैदल।

सपा प्रत्याशी के रूप में पूर्व मंत्री राम भुआल निषाद हुए साइकिल पर सवार।

 दिलचस्प हुआ त्रिकोणीय मुकाबला 

सुल्तानपुर में काफी ऊहापोह के बाद अंबेडकर जयंती के दिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 28दिन पूर्व घोषित प्रत्याशी भीम निषाद को पैदल कर दिया है। उनको रिप्लेस करके अब पूर्व मंत्री व गोरखपुर के पूर्व विधायक राम भुआल निषाद को गठबंधन प्रत्याशी के रूप में उतारा है। आज ही बसपा ने कुर्मी कार्ड खेलते हुए जिपं सदस्य उदराज वर्मा को उम्मीदवार के रूप में उतारा है। वही भाजपा से पूर्व केंद्रीय मंत्री व सुल्तानपुर सांसद मेनका गांधी को अपना प्रत्याशी बनाया है।

कौन हैं रामभुआल निषाद....

आपको बता दें कि रामभुआल निषाद गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा बनने के पूर्व कौड़ीराम विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे हैं। वह वर्ष 2007 में बनी बसपा सरकार में मत्स्य राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। निषाद का गोरखपुर और आसपास अपनी बिरादरी में खासा असर माना जाता है। 2012 में वह बीजेपी से गोरखपुर ग्रामीण से टिकट की मांग कर रहे थे, मगर उनकी जगह विपिन सिंह को प्रत्याशी बना दिया गया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में रामभुआल निषाद सीएम योगी के खिलाफ मैदान में उतरे और 176277 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। इनके पहले सपा ने 16 मार्च को अंबेडकर नगर निवासी भीम निषाद को अपना चेहरा बनाया था। पार्टी में उनका भयानक विरोध और उनके बडबोले बयान से उनका टिकट कट गया है। 


वही बसपा ने आज जिल पंचायत सदस्य उदराज वर्मा को प्रत्याशी बनाया है। जबकि भाजपा से मेनका गांधी मैदान में हैं। 2019 में मेनका महज 14 हजार वोटों से ही जीती थी। 

लेकिन इस बार निषाद और कुर्मी कंडीडेट के मैदान में आने से ये दोनों उनके कोर वोट हैं जो सरक कर उनका ही बड़ा नुकसान करेगा।

रिपोर्ट/सरफराज अहमद 

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