रेल मंत्री के खिलाफ रेलकर्मी सड़क पर, पुरानी पेंशन मुद्दे पर मशाल जुलूस निकाल केंद्र सरकार को उखाड़ फेंकने का आवाहन।।

सुल्तानपुर :रेल मंत्री के खिलाफ रेलकर्मी सड़क पर, पुरानी पेंशन मुद्दे पर मशाल जुलूस निकाल केंद्र सरकार को उखाड़ फेंकने का आवाहन।
रेल कर्मचारी रविवार की शाम रेल मंत्री के खिलाफ सड़क पर उतरे हैं। महिलाएं और पुरुष बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी जिंदाबाद के नारे लगाते हुए केंद्र सरकार को 2024 के चुनाव में उखाड़ फेंकने का आवाहन किया है। नेताओं ने कहा कि जल्द पुरानी पेंशन बहाल नहीं की गई तो लखनऊ में घेराव और व्यापक विरोध प्रदर्शन करते हुए आंदोलन छेड़ने को नार्दन रेलवे मेंस यूनियन बाध्य होगा।
पुरानी पेंशन नीति को लेकर रेल कर्मचारी मशाल जुलूस लेकर सुल्तानपुर जंक्शन से रविवार की शाम निकले। जहां पर रेल कर्मचारियों के साथ महिला और पुरुष कर्मी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष केके दुबे ने हरी झंडी दिखाकर मशाल जुलूस को रवाना किया। मशाल जुलूस जिला अस्पताल गंदा नाला रोड डाकघर चौराहे तिकोनिया पार्क से बस अड्डे होते हुए वापस रेलवे स्टेशन पहुंची। जहां पर नार्दन रेलवे के मंत्री मुन्ना लाल वर्मा ने मशाल जुलूस का स्वागत किया। इस मौके पर राम जी गुप्ता, विजय कोरी, देवेंद्र कुमार त्रिपाठी, दिलीप कुमार पांडे , अरविंद कुमार सिंह, उर्मिला देवी, शांति देवी, दिलीप कुमार सिंह और अमर त्रिपाठी, फार्मेसिस्ट केशव गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष महादेव प्रसाद यादव, पूर्व अध्यक्ष अनिल कुमार श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहे। Bite : हमारे पास एक ही मुद्दा पुरानी पेंशन है । जो 21 फरवरी से लेकर 21 जुलाई के बीच व्यापक कार्यक्रम विरोध प्रदर्शन का चल रहा है। 21 फरवरी को तिकोनिया पार्क में 21 मार्च को जिलाधिकारी कार्यालय पर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया गया था। हमारी एक ही मांग है कि नई पेंशन स्कीम को रद्द करते हुए पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की जाए । एक दिन भी विधायक हो जाता है तो 44 पेंशन स्कीम का लाभ लेता है, जबकि रेल कर्मचारी एक पुरानी पेंशन नीति सही वंचित है। रेल कर्मचारियों को पंद्रह सौ से ₹2000 जो दया के रूप में पेंशन मिल रही है। वह हमें नहीं चाहिए। 60 साल तक रेलवे की सेवा करने वालों को यह सौगात दी जा रही है। नई पेंशन स्कीम किसी भी दशा में रेल कर्मचारियों को मंजूर नहीं है। पेंशन बहाल नहीं होने पर 21 जून को हम लखनऊ में जाकर घेराव और प्रदर्शन का काम करेंगे। विधानसभा के सामने सुनवाई नहीं हुई तो मानसून सत्र में सदन का घेराव किया जाएगा। यदि इस पर भी ना सरकार ने मांगे मानी तो 2024 में सरकार को उखाड़ फेंकने का काम किया जाएगा।
एसके द्विवेदी शाखा अध्यक्ष नार्दन रेलवे मेंस यूनियन

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