भाजपाइयों से लेकर मतदाता तक है उहापोह की स्थित में !!

भाजपाइयों से लेकर मतदाता तक है उहापोह की स्थित में !! 


मेनका और वरुण ने अपनों के साथ शुरू किया विचार विमर्श, बसपा करेगी बड़ा धमाका?


पीलीभीत से भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने वरुण गांधी का टिकट काट दिया है। वही मेनका गांधी को सुल्तानपुर से पार्टी ने प्रत्याशी बनाया है। लेकिन यहां पार्टी के लोगों के साथ मतदाता काफी ऊहापोह की स्थिति में हैं। मेनका आज से संसदीय क्षेत्र का दौरा शुरू करने वाली थी लेकिन अब वे 1 अप्रैल को यहां आएगी ऐसी चर्चा है। बताया जा रहा है कि मेनका और वरुण दिल्ली में फिलवक्त की स्थिति को लेकर अपनों के साथ विचार विमर्श कर रहे हैं। 

24 मार्च को मेनका को पार्टी ने घोषित किया प्रत्याशी 


24 मार्च को बीजेपी ने सुल्तानपुर सीट से मौजूदा सांसद मेनका गांधी को फिर से रिपीट किया है। उनके प्रत्याशी बनाए जाने पर जिस प्रकार का जश्न भाजपाइयों में मनना चाहिए था वैसे माहौल देखने को नहीं मिला। मुठ्ठी भर भाजपाई ही नारेबाजी कर खुशी मनाते नजर आए। वही ब्राह्मण वर्ग में भाजपा को लेकर काफी रोष है, इसका सीधा असर कंडीडेट पर पड़ेगा। ऐसी सुगबुगाहट मिलना शुरू हो गई है। वही जिस निषाद बिरादरी ने मेनका को जीत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाया था, और जीतने के बाद मेनका ने इस वर्ग को तरजीह भी दी वो भी गठबंधन प्रत्याशी आने के बाद उनके खेमे में जाने को तैयार नहीं है। 

वरुण को महासचिव पद का ऑफर!
 

उधर वरुण गांधी का टिकट भाजपा नेतृत्व ने काट दिया है। जबकि टिकट कटने से पहले ही चार सेट में नामांकन फाम खरीदकर उन्होंने पार्टी को सीधा संकेत दे रखा है कि वो मैदान से हटने वाले नहीं। मां-बेटे ने दिल्ली में अपनों के साथ बैठकर विमर्श किया और वरुण बैक होने को तैयार नहीं। सूत्रों की माने तो इसकी भनक लगने के बाद उन्हें राष्ट्रीय महासचिव पद का ऑफर भी किया गया है, लेकिन वो इस पर राजी नहीं हुए हैं। ऐसे में मेनका बेटे के लिए त्याग करेगी या भाजपा के सिंबल पर चुनाव मैदान में आएगी इसको लेकर कयासों का बाजार तेजी से गर्म है। 


पल्लवी पटेल ने मां के लिए बसपा से मांगा सुल्तानपुर सीट!


सपा ने यहां से अंबेडकर नगर के रहने वाले भीम निषाद को गठबंधन प्रत्याशी के रूप में उतारा है। हालांकि बसपा ने अबतक पत्ते नहीं खोले हैं। चर्चा ये है कि बसपा और पल्लवी पटेल के मध्य बातचीत चल रही है। सूत्र बताते हैं कि पल्लवी ने अपनी मां के लिए सुल्तानपुर सीट मांगा है। यदि बात तय हो गई तो सुल्तानपुर की सीट पर मुकाबला देखने लायक होगा। 


अंतिम समय में जीती थी मेनका 

बात 2019 के लोकसभा चुनाव के परिणाम की करें तो मेनका संजय गांधी को कुल 4,59,196 मत मिले थे।(45.88%) और गठबंधन में बसपा प्रत्याशी पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू को 4,44,670 मत (44.43%) मिले थे। कांग्रेस के डॉ संजय सिंह को कुल 41,681 (4.16%) मत मिले थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में सुल्तानपुर सीट से बीजेपी प्रत्याशी मेनका गांधी को बसपा प्रत्याशी चंद्रभद्र सिंह सोनू से कड़ी टक्कर मिली थी। मेनका गांधी इस चुनाव में महज 14 हजार मतों से ही चुनाव जीती थीं। चुनाव में तीसरे प्रत्याशी कांग्रेस संजय सिंह थे। 


वरुण ने एक लाख से अधिक मत से जीता था चुनाव 

वही 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी से वरुण गांधी 4,10,348 (24.09%) मत पाकर सांसद बने थे। जबकि
बसपा से अम्बेडकरनगर के रहने वाले पवन पांडेय 2,31,446 (13.59%) रनर रहे थे। इस चुनाव में सपा के शकील अहमद 2,28, 144 (13.39%) मत पाकर तीसरे स्थान पर थे। कांग्रेस की अमिता सिंह को41,983  (2.46%) मत मिला था। जो चौथे स्थान पर थी। लोकसभा चुनाव 2014 की बात करें तो इस सीट से मेनका संजय गांधी के बेटे और बीजेपी प्रत्याशी वरुण गांधी भी यहां पहली बार चुनाव लड़ने आये और यह  कि जनता ने उन्हें चुनाव में जीत दर्ज करने का मौका दिया और वो यहां से सांसद बने।

रिपोर्ट/सरफराज अहमद

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