मेनका गांधी के ट्रंप कॉर्ड से सपा-बसपा की बढ़ी बेचैनी।

मेनका गांधी के ट्रंप कॉर्ड से सपा-बसपा की बढ़ी बेचैनी।

महाराष्ट्र में बंधक 92 मछुआरों की रिहाई के लिए मेनका ने की सरकार से की बात, कागजी कार्रवाई के बाद लौटेंगे जिले के पीड़ित युवक 

पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद मेनका गांधी के ट्रंप कार्ड से विपक्षी बैक फुट पर।


सुल्तानपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद मेनका गांधी के ट्रंप कॉर्ड से सपा-बसपा बैकफुट पर आ गई है। मुंबई में 14 बोटों के साथ करीब 92 मछुआरे बंधक बनाए गए हैं। इसको संज्ञान में लेकर मेनका गांधी और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद आगे आए हैं, उन बंधक मछुआरों को रिहा कराने का जतन शुरू हो गया है। साथ ही मेनका अब इस मुद्दे को चुनावी कैंपेन में उठा रही जिससे सपाइयों और बसपाइयों की नींदें उड़ गई हैं। 

पड़ताल में मछुआ समुदाय से जुड़े राजेश से फोन पर हुई वार्ता।

इस बाबत पड़ताल में मछुआ समुदाय से जुड़े राजेश से फोन पर वार्ता हुई। राजेश जिले के चांदा थाना अंतर्गत मुरार चक गांव के निवासी हैं। वे बताते हैं कि बीते वर्ष मैं सितंबर माह में महाराष्ट्र आया था। मेरे अलावा जिले के अन्य करीब 150 साथी जुलाई-अगस्त माह में यहां आए थे।तीन माह पहले हमारे सेठ की बोट यहां के लोकल सेठ की बोट से टकरा गई। जिसके बाद विवाद हुआ। हमारा सेठ अवैध रूप से समंदर से मछली मरवाने का कार्य करा रहा था। ऐसे में लोकल सेठ ने अधिकारियों से वार्ता कर कार्रवाई कराया और हम 150 लोग 20 मार्च हिरासत में लिए गए हमें 24 मार्च से रेववाड़ा खाड़ी पर बंधक बनाकर रखा गया है।


यहां कुछ साथी जिनका सेठ के पास पैसा कम फंसा था वो चोरी चुपके निकल गए। लेकिन जिनका ज्यादा पैसा फंसा था वो रुके रहे। हमने ये मामला जिले के सोनू निषाद और योगेश निषाद को बताया तब इस मामले में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद व सांसद मेनका गांधी ने हमसे संपर्क किया। बीते शुक्रवार से हम लोगों की रिहाई के लिए कागजी कार्रवाई शुरू हो गई है। 



वही अब इस मामले को सांसद मेनका गांधी ने अपना चुनावी मुद्दा बना दिया है। वो भी तब जब सपा ने पूर्व मंत्री राम भुआल निषाद को अपना प्रत्याशी बनाया है। मेनका गांधी कल से सभी मंच पर कह रही हैं कि महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में 92 मछुआरों को अकारण 29 दिनों तक अवैध रूप से बंधक बनाए रखा गया। पीड़ित मछुआरों के परिवारीजनों ने हमसे अपना दुखड़ा रोया इस पर मैने महाराष्ट्र सरकार को मामले से अवगत कराया।संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सभी ने मामले से अपना पल्ला झाड़ते हुए कस्टडी में रखे गए सभी 92 मछुआरों को छोड़ने की बात कही है। इसी मामले में मोस्ट कल्याएन संस्थान के अध्यक्ष श्याम लाल निषाद ने कहा पीड़ित राजेश से बात हुई है यदि कल तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो हम आगे आएंगे।

रिपोर्ट/सरफराज अहमद

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